राजधानी रायपुर में आयुष्मान भारत योजना के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल एटीएम कार्ड की तरह कर रहे हैं और सरकारी योजना के नाम पर अनियमित वसूली की जा रही है। हाल ही में ‘आज की जनधारा’ की टीम ने शहर में सक्रिय कथित हॉस्पिटल माफिया को लेकर खुलासे किए हैं, जिनमें मित्तल हॉस्पिटल और मेडलाइफ हॉस्पिटल के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इन अस्पतालों में मरीजों के साथ धोखाधड़ी, उपचार के नाम पर ज्यादा दिनों तक भर्ती रखना , बिल की कॉपी उपलब्ध न कराना और आयुष्मान योजना के तहत गलत तरीके से भुगतान लेने जैसी अनियमितताएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि गरीबों, दलितों और जरूरतमंदों के लिए बनाई गई इस योजना का लाभ उठाकर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मामले को लेकर ‘आज की जनधारा’ ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथिलेश चौधरी से सवाल किए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जानकारी उन्हें मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 13 अस्पतालों पर आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग के आरोप में कार्रवाई की जा चुकी है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और दोषियों पर कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।