मुरादाबाद। मुरादाबाद में आयोजित एआईएमआईएम की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता शादाब चौहान ने विपक्षी दलों और वर्तमान विधायकों की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के हालिया बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूद 111 विपक्षी विधायक जनहित के संवेदनशील मुद्दों पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मॉब लिंचिंग और वक्फ संपत्तियों जैसे मामलों पर ये जनप्रतिनिधि सदन में आवाज नहीं उठाते।
चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार शादाब चौहान ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने अब तक 50 लाख नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। वर्तमान में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि जून माह से पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के प्रदेश दौरों के साथ ही चुनावी अभियान का औपचारिक शंखनाद कर दिया जाएगा। चौहान ने दावा किया कि यदि सदन में उनकी पार्टी के विधायक पहुंचते हैं, तो वे निडर होकर जनता के हक की बात करेंगे।
समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बैठक के दौरान शादाब ने समाजवादी पार्टी को भाजपा की सहयोगी बताते हुए अखिलेश यादव की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुस्लिम समाज केवल वोट बैंक बनकर रह गया है? उन्होंने कहा कि जिस समाज ने अन्य को मुख्यमंत्री बनाने में सहयोग किया, क्या अब उन्हें नेतृत्व का मौका दिया जाएगा। चौहान ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं और वर्तमान सांसदों के बीच मैच फिक्सिंग चल रही है और वे केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और सामाजिक गठबंधन एआईएमआईएम नेता ने कहा कि पार्टी ने प्रदेश की 200 सीटों पर बूथ कमेटियों का गठन कर लिया है। पार्टी का उद्देश्य दलित, मुस्लिम और शोषित समाज को एक मंच पर लाना है। उन्होंने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और जरूरतमंदों के हितों की रक्षा करना है। मुरादाबाद और रामपुर के सांसदों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है।