रायपुर (वाजिद खान/शिवम मिश्रा): ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की खबर ने वैश्विक स्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। रविवार को राजधानी के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। समुदाय ने इस घटना को ‘शहादत’ करार देते हुए अमेरिका और इजरायल के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सड़कों पर जताया विरोध, झंडों पर बनाए पैरों के निशान
रायपुर का मोमिनपारा इलाका आज विरोध का मुख्य केंद्र रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सड़क पर अमेरिका और इजरायल के झंडे चिपकाए और उन पर चलकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत और न्यायप्रिय विचारधारा पर हमला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस ‘कायरतापूर्ण’ कृत्य की कड़ी निंदा करनी चाहिए।
ईरानी दूतावास की अपील और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने एक कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है। दूतावास ने वैश्विक शक्तियों और न्यायप्रिय राष्ट्रों से अपील की है कि वे इस अमेरिकी-इजरायली हमले पर चुप्पी न साधें। बयान में स्पष्ट किया गया कि इस खुले अपराध के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इधर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी ‘प्रतिशोध’ का संकल्प लेते हुए दावा किया है कि पश्चिमी एशिया में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दूतावास ने अपने संदेश में दोहराया कि ईरान की जनता अपने मार्ग से विचलित नहीं होगी और शहीदों का यह बलिदान देश की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रायपुर के संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। स्थानीय नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, लेकिन समुदाय के भीतर इस घटना को लेकर गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।