रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद फॉर्म-7 के कथित सुनियोजित दुरुपयोग को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे पर भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
डॉ. महंत ने अपने पत्र में दावा किया है कि बीजेपी नेताओं की बैठकों में फॉर्म-7 के दुरुपयोग की रणनीति तैयार की गई, जिसके तहत संगठित तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक कार्यकर्ता को करीब 200 मतदाताओं के नाम हटवाने का लक्ष्य दिया गया है।



महंत का यह भी आरोप है कि रायपुर स्थित बीजेपी कार्यालय से फॉर्म-7 भेजे जा रहे हैं, और इस पूरी कवायद का उद्देश्य हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 20 हजार मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना है।
नेता प्रतिपक्ष ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए, इसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे।
फिलहाल, इस पत्र के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें अब निर्वाचन आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।