रायपुर/बिलासपुर, 14 जनवरी। नवापारा-राजिम में हाल ही में हुई सर्राफा लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश के स्वर्णकारों और सराफा व्यापारियों में असुरक्षा और चिंता का माहौल बना हुआ है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने आपातकालीन हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। बैठक में सुरक्षा मानकों पर गहन चर्चा हुई और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश की किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट या बुर्का पहनकर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह कदम सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की पहचान स्पष्ट करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हुए और सुरक्षा उपायों पर अपने सुझाव साझा किए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे: कमल सोनी (प्रदेश अध्यक्ष), प्रकाश गोलचा (बिलासपुर), हर्षवर्धन जैन, प्रदीप घोरपोड़े, संजय कुमार कनुगा (रायपुर), उत्तम चंद भंडारी (दुर्ग), पवन अग्रवाल (बिलासपुर), राजू दुग्गड़ (बस्तर) और राजेश सोनी (सरगुजा)।
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस और एसोसिएशन को दें। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से भी आग्रह किया कि सर्राफा व्यापारियों को उचित सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया जाए और नवापारा लूटकांड के दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।