रायपुर। 23 जनवरी से रायपुर के शहरी क्षेत्रों में नई पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती दो दिनों में 21 में से 14 थानों में कुल 35 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में दुष्कर्म और सेक्सटॉर्शन, चोरी, मारपीट, चाकूबाजी, सड़क हादसे और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
हालांकि देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, आमानाका, आज़ाद चौक, सरस्वती नगर और कबीर नगर थाना क्षेत्रों में 23 जनवरी से 24 जनवरी की रात 10 बजे तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना, गंज में मारपीट और वाहन चोरी, मौदहापारा में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने का मामला, गोल बाजार में सोना चोरी, बाइक चोरी और शराबनोशी के दो मामले दर्ज किए गए। पुरानी बस्ती में मारपीट के दो मामले सामने आए। डीडी नगर में एक मारपीट और शराब पीने के दो मामले, राजेंद्र नगर में एक चाकूबाजी और एक मारपीट की घटना हुई। मुजगहन में एक सड़क हादसा, टिकरापारा में एक दुष्कर्म व सेक्सटॉर्शन सहित मारपीट और शराब पीने के मामले दर्ज हुए।
उरला में चोरी और मारपीट के दो मामले सामने आए। खमतराई में आर्म्स एक्ट के दो मामले, एक लूट और एक सड़क दुर्घटना दर्ज की गई। गुढ़ियारी में सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और मारपीट के दो मामले, पंडरी में एक मारपीट और एक दुर्घटना, जबकि खम्हारडीह में एक दुर्घटना और एक मारपीट का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस कमिश्नर की पहली बैठक, विजिबल पुलिसिंग पर जोर
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने सिविल लाइन स्थित कार्यालय में अधिकारियों की पहली बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसिंग में अब विजिबल उपस्थिति दिखाई देनी चाहिए। रात्रि गश्त को मजबूत किया जाए, किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई हो और हर कदम प्रभावी नजर आए।
बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। करीब 50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने आज़ाद चौक से लाखे नगर तक पैदल मार्च किया, संदिग्ध वाहनों की जांच की और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।