जयपुर। राजस्थान के जयपुर के चौमूं क्षेत्र में पिछले दिनों मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने के विवाद से उपजी हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। घटना के एक सप्ताह बाद अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विवाद की शुरुआत मस्जिद के पास रेलिंग लगाने से हुई थी। पुलिस और समुदाय के लोगों के बीच बातचीत के बाद पत्थर हटाने पर सहमति बनी, लेकिन रेलिंग लगाने का प्रयास शुरू होते ही समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए तथा इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई थी। पथराव में छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हंगामे के बाद चार से अधिक थानों की पुलिस तथा आरएसी की कंपनी तैनात की गई।
हिंसा के बाद पुलिस ने 24 पथराव करने वालों के घरों पर नोटिस चस्पा किए तथा तीन दिन में जवाब मांगा था। नोटिस की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो गई। जवाब नहीं मिलने तथा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नगर परिषद की टीम ने पठान कॉलोनी में बुलडोजर कार्रवाई की। 29 दिसंबर को 20 अवैध बूचड़खानों तथा चार अवैध निर्माणों को लेकर भी नोटिस जारी किए गए थे। पूरे मामले में करीब 110 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 19 की गिरफ्तारी हुई है। पूछताछ में 15 और नाम सामने आए हैं, जो फरार हैं। पुलिस जांच जारी रखे हुए है।