सोनहत, कोरिया। जिले के सोनहत विकासखंड स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय में एक लेखपाल ने करीब 40 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत होने का अनूठा रिकॉर्ड बनाया है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक उनका स्थानांतरण नहीं हुआ, जबकि प्रशासनिक नियमों के अनुसार अधिकारियों का नियमित रोटेशन होना चाहिए। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“नियम सबके लिए समान नहीं?”
यह लेखपाल न केवल दशकों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, बल्कि उनकी मनमानी भी चरम पर है। शिकायतों के अनुसार, वह अक्सर कार्यालय में अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आवेदकों और सहकर्मियों को परेशानी उठानी पड़ती है। एक अनाम सूत्र ने बताया, “वर्षों से फाइलें लंबित पड़ी हैं, लेकिन इस अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होती। क्या ट्रांसफर का नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?”
नियम क्या कहते हैं?
छत्तीसगढ़ शासन के सेवा नियमों के तहत, सरकारी कर्मचारियों का समय-समय पर स्थानांतरण किया जाना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कार्यक्षमता सुनिश्चित हो। लेकिन इस मामले में नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।