जीव का जन्म होता हैं भगवान का नहीं भगवान प्रगट होते हैं–आचार्य सनातन चैतन्य महाराज

गरियाबंद–समीपस्थ ग्राम पारागांव जिला गरियाबंद में चल रही भागवत सप्ताह अमर कथा के पंचम दिवस भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूम धाम से मनाया गया!इस अवसर पर यादव समाज के कलाकारों द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया!
कथा व्यास आचार्य सनातन चैतन्य जी महाराज अंबाला शहर वाले ने कहा कि भगवान का जन्म नहीं होता जन्म जीव का होता हैं! भगवान कोई कर्म बंधन में बंधा नहीं है अतः उनका जन्म नहीं वह पूर्ण स्वतंत्र है पर जीव जो कि अनेक कर्म बंधनों से बंधा हुआ है इस लिए जीव जन्म मरण के चक्र में पड़ा होता हैं! भगवान का जन्म नहीं भगवान प्रगट होते है!


आज कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे और व्यास पूजा कर कथा व्यास जी से आशीर्वाद लिया!
इस अवसर पर श्रीगौरी शंकर कश्यप अध्यक्ष जिला पंचायत गरियाबंद ने भक्तों को संबोधित करते हुए सनातन हिन्दू धर्म की माहात्म्य पर बोलते हुए कहा कि अपना सनातन वैदिक धर्म इस पृथ्वी का सबसे प्राचीन धर्म संस्कृति हैं हम सब को अपने धर्म पर गर्व होना चाहिए! उन्होंने इस अवसर पर बहुत ही सुंदर कविता श्रवण कराए!
भूतपूर्व विधायक कुंवर ओंकार शाह ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा की जीवन में बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए बड़ा पुरुषार्थ करने की आवश्यकता होती हैं! उन्होंने आचार्य जी के साथ अपने पुराने संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि आचार्य चैतन्य जी महाराज बहुत ही सरल व्यक्तित्व के धनी हैं उनकी कथा शैली बहुत ही सरल होती हैं!


मंच पर सहारनपुर उत्तरप्रदेश से मानस कथा कार महंत गुरुमिलन शास्त्री जी महाराज, साध्वी रमा शास्त्री जी, साध्वी कोमल महाराज, साध्वी वंदना गिरी व मुन्ना शुक्ला जी भी विराज मान थे!
कथा के मुख्य यजमान ब्रह्मचारी रोहित भाई जी ने बताया कि उक्त कार्यक्रम में आज लालिमा पारस ठाकुर, मुरली धर सिन्हा,श्री सत्य प्रकाश मानिकपुरी साहब, मिथलेश कृषाणु,भरत बखरिया, टंकेश्वर नाग,बन्टी कृषाणु,बिंदु मानिकपुरी, सुमन नाग, सरिता कृषाणु,मधु कृषाणु,हरीश ठक्कर,ठेंगू सेठ,प्रशांत मानिकपुरी, अभिमन्यु ध्रुव, डॉक्टर पुराण सिन्हा, महंत प्रफुल्ल भाई, गोविन्द भाई, अमन भाई, उपस्थित थे!यह कार्यक्रम 30 जनवरी तक चलेगी कथा कार्यक्रम में आस पास गांवों से भक्त कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं इसके अलावा बाहर उज्जैन, भोपाल, सहारनपुर,अंबाला, उड़ीसा, महाराष्ट्र,रायपुर से भी भक्त लोग पहुंचे हुए हैं!
कथा में पधारे सभी भक्तों के लिए ग्रामवासी भक्तों द्वारा रोज भोजनालय में भोजन बन रहा हैं जिसमें सैकड़ों लोग बड़े प्रेम से भंडारा का भोजन कर रहे हैं! आज भंडारा बलबीर सिंह राजपूत पारागांव वाले ने दिया!
दिनांक –27/01/2026.

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