संस्कार और शिक्षा का संगम; सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्यों का विशाल सम्मेलन संपन्न, दानदाताओं और प्रतिभावान छात्रों का हुआ सम्मान

शक्ति: संस्कार और शिक्षा का संगम; सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्यों का विशाल सम्मेलन संपन्न, दानदाताओं और प्रतिभावान छात्रों का हुआ सम्मान
शक्ति। ग्राम भारती शक्ति जिला और भागवत प्रवाह आध्यात्मिक सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय विशाल आचार्य सम्मेलन का समापन भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर की राष्ट्रीय विचारधारा, संस्कारों और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया।

दीप प्रज्वलन के साथ भव्य शुभारंभ
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमल किशोर पटेल (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत शक्ति), कार्यक्रम अध्यक्ष पंकज पटेल (एडिशनल एसपी शक्ति), मुख्य वक्ता लोमस राम साहू (पूर्व संगठन मंत्री, विद्या भारती छत्तीसगढ़) सहित विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर कृष्णकांत चंद्रा, रामावतार अग्रवाल, आचार्य राजेंद्र और दिव्या चंदेल भी मंच पर उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने मोहा मन
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान शक्ति जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। साथ ही बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निबंध लेखन, सुलेख, चित्रकला, कलश सजावट और आरती थाली सजावट जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

दानदाताओं और विद्यालयों का सम्मान
ग्राम भारती जिला शक्ति की ओर से शिक्षा के मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले 7 भूमि दानदाताओं और 11 नकद राशि दानदाताओं को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार राशि: उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए सरस्वती शिशु मंदिर मालखरौदा को 11,000 रुपये तथा सोनादुला व डुमरपारा विद्यालयों को 5-5 हजार रुपये की नकद राशि भागवत प्रवाह संगठन द्वारा प्रदान की गई।

अतिथियों के उद्बोधन: “संस्कारों की नींव है शिशु मंदिर”
कमल किशोर पटेल (मुख्य अतिथि): उन्होंने गर्व से कहा, “मैं स्वयं इसी विद्यालय का छात्र रहा हूँ। यहाँ मिले संस्कारों की बदौलत ही आज मैं अधिवक्ता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष के रूप में समाज सेवा कर पा रहा हूँ।”

पंकज पटेल (एडिशनल एसपी): उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर के संस्कारों से ही अपने पद का निर्वहन करते हुए भविष्य में अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान बनाकर कार्य करते रहूंगा।

लोमस राम साहू (मुख्य वक्ता): उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर योजना राष्ट्रीय विचारधारा से ओतप्रोत है। उन्होंने वर्तमान थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी का उदाहरण देते हुए बताया कि यहाँ के छात्र देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन हैं।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन रश्मि तिवारी, संतोष निषाद और जिला समन्वयक धर्मेंद्र तिवारी ने किया। आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष विश्राम सागर साहू ने किया। आयोजन की सफलता में दीपक कुमार सोनी और गेंद सिंह राजपूत का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर संतोष डनसेना, विद्या महंत, कुमुदिनी कश्यप, विजय कुमार पांडे, पदम पटेल, अमर सिंह चौहान, हीरा पटेल, सुमित्रा पटेल, अनीता देवांगन, ज्योति नीलू यादव, लक्ष्मी पटेल, पुष्पा राठौड़, मनोरमा गावेल, पूनम शर्मा, करुणा शर्मा और अनीता गौतम सहित बड़ी संख्या में आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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