रायपुर, 26 फरवरी 2026। प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का मामला आज सदन में उठा। बजट सत्र के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल 481 पद खाली हैं।

कितने पद स्वीकृत, कितने रिक्त?
मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार—
- सहायक प्राध्यापक के कुल 673 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 361 पद रिक्त हैं।
- प्राध्यापक के 224 स्वीकृत पदों में से 120 पद रिक्त हैं।
इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर प्रदेश में 481 पद खाली हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
कांग्रेस विधायक ने पूछा था सवाल
यह प्रश्न कांग्रेस विधायक इंद्र कुमार साहू ने पूछा था। उन्होंने विभागवार, विषयवार और महाविद्यालयवार जानकारी मांगी थी। साथ ही वर्ष 2015 से 2025 के बीच लोक सेवा आयोग के माध्यम से की गई सहायक प्राध्यापकों की भर्तियों का वर्षवार और विषयवार ब्यौरा भी तलब किया था।
155 सहायक प्राध्यापकों ने पूरी की परिवीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को बताया कि वर्ष 2015 से 2025 के दौरान भर्ती किए गए सहायक प्राध्यापकों में से 155 चिकित्सकों ने अपनी परिवीक्षा अवधि पूर्ण कर ली है।
हालांकि बड़ी संख्या में रिक्त पदों के कारण मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।