अमरकंटक में दर्दनाक हादसा: नर्मदा नदी के रामघाट में डूबने से नेत्रहीन छात्र की मौत, साथियों को पता भी नहीं चला

अमरकंटक। मध्यप्रदेश की पवित्र नगरी अमरकंटक में आज एक बेहद दुखद घटना घटी, जहाँ नर्मदा नदी के रामघाट पर नहाते समय एक नेत्रहीन युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक युवक जबलपुर के एक संस्थान का छात्र था और अपने अन्य नेत्रहीन साथियों के साथ यहाँ दर्शन और स्नान के लिए आया था। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।


गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 25 वर्षीय शिरीष नामदेव के रूप में हुई है। शिरीष जबलपुर के ‘शासकीय राज अपंग संस्थान’ में पढ़ाई कर रहा था। सोमवार दोपहर वह अपने अन्य साथियों के साथ अमरकंटक के प्रसिद्ध रामघाट पर नर्मदा नदी में स्नान करने पहुँचा था। बताया जा रहा है कि नहाते समय शिरीष का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी की तरफ चला गया। चूंकि वह देख नहीं सकता था, इसलिए उसे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वह डूबने लगा।

साथी भी थे नेत्रहीन, नहीं चल सका पता

इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि जिस वक्त शिरीष नदी में डूब रहा था, उसके आसपास ही उसके अन्य साथी भी नहा रहे थे, लेकिन उनमें से कोई भी उसे बचा नहीं पाया। असल में शिरीष के साथ आए सभी साथी भी उसकी तरह ही नेत्रहीन थे। वे पानी में हलचल तो महसूस कर रहे थे, लेकिन देख न पाने के कारण उन्हें यह समझ ही नहीं आया कि उनका अपना साथी मौत के मुँह में समा रहा है। जब काफी देर तक शिरीष का पता नहीं चला, तब जाकर लोगों को अनहोनी का अहसास हुआ।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही अमरकंटक पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। गोताखोरों की मदद से शिरीष के शव को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और संस्थान के शिक्षकों व शिरीष के परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद से रामघाट पर मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग काफी गमगीन हैं। पवित्र नगरी में हुए इस हादसे ने दिव्यांगों की सुरक्षा और घाटों पर तैनात सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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