रायपुर/जशपुर। विष्णुदेव साय का 62वां जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में सादगी, श्रद्धा और पारिवारिक आत्मीयता के बीच मनाया गया। मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचते ही सबसे पहले अपनी माता जसमनी देवी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस भावुक पल ने पूरे कार्यक्रम को पारिवारिक ऊष्मा से भर दिया।

दिनभर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
श्री राम सदन में हुआ सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन
जन्मदिवस के अवसर पर बगिया स्थित श्री राम सदन में सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने अपनी माता जसमनी देवी, धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवारजनों के साथ श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण किया। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री से भेंट कर बधाई देने वालों में विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार राय सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
छात्राओं को मिली क्रिकेट किट
जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की छात्राओं को मुख्यमंत्री ने 15 क्रिकेट किट प्रदान कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्राओं की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से वे राज्य और देश का नाम और ऊंचा करेंगी।
पहाड़ी कोरवा समाज ने दी शुभकामनाएं
बगीचा क्षेत्र से आए विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जन्मदिन की बधाई दी। पारंपरिक वेशभूषा और तीर-धनुष के साथ पहुंचे समाज के सदस्यों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान की झलक पेश की। मुख्यमंत्री ने उनसे संवाद कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री का जन्मदिन इस बार केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि गांव और परिवार के साथ आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बनकर सामने आया।