पीटीआरएसयू हॉस्टल में 25 छात्राएं पीलिया की शिकार, एनएसयूआई का उग्र प्रदर्शन; प्रबंधन पर लगा डॉक्टरों को रोकने का आरोप

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PTRSU) के नवीन कन्या छात्रावास में दूषित पानी पीने से 25 छात्राएं पीलिया (जॉन्डिस) से संक्रमित हो गई हैं। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

दूषित पानी से बिगड़ी तबीयत जानकारी के अनुसार, नवीन कन्या छात्रावास में पिछले कुछ दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही थी, जिसके कारण दर्जनों छात्राएं संक्रमण की चपेट में आ गईं। कई छात्राओं की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और छात्राओं को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

डॉक्टरों को रोकने का आरोप एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शनिवार को जब जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए हॉस्टल पहुँची, तो उन्हें लगभग एक घंटे तक बाहर रोक दिया गया। आरोप है कि प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और डॉक्टरों को छात्राओं से मिलने नहीं दिया गया।

इस्तीफे की मांग और अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और हॉस्टल अधीक्षक के इस्तीफे की मांग की है। एनएसयूआई का कहना है कि अगर किसी छात्रा के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *