अम्बिकापुर (सरगुजा)। कलेक्टर अजीत वसंत ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है। जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति पूरी तरह शासन के नियमानुसार और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो संबंधित परियोजना अधिकारियों (CDPO) के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं की समयबद्ध प्रगति पर जोर
कलेक्टर ने विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, अपार आईडी और आभा आईडी निर्माण की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि शासन की इन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। खासकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित प्रकरणों के पंजीयन, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश सेक्टर सुपरवाइजरों को दिए गए हैं।
कुपोषण मुक्त सरगुजा के लिए नियमित मॉनिटरिंग
कुपोषण नियंत्रण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर ने पूरक पोषण आहार के वितरण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाए और उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। बैठक में उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के समय पर संचालन और वहां दी जाने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
सामाजिक सुरक्षा और बाल संरक्षण पर विशेष ध्यान
बैठक में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को त्वरित विधिक सहायता देने और बाल विवाह रोकथाम के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही, स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और बाल देखरेख संस्थाओं के नियमित निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी जगदेव राम प्रधान सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।