वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों के खिलाफ लगाए गए व्यापक शुल्कों को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि भारत सहित वे सभी व्यापारिक साझेदार, जिन्होंने पहले ट्रंप प्रशासन के साथ उच्च टैरिफ समझौतों पर सहमति जताई थी, उन्हें अब केवल 10 प्रतिशत शुल्क का ही सामना करना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के तत्काल बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य नियम का उपयोग करते हुए अमेरिका में होने वाले सभी आयातों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि यह नया आदेश तुरंत प्रभावी हो गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ भारत को मिलता दिख रहा है। पूर्व में हुई ट्रेड डील के तहत भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना थी, जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगी।
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन देशों के साथ पहले ही व्यापारिक समझौते हो चुके हैं या सहमति बन चुकी है, उन पर भी अब नए आदेश के तहत एक समान यानी 10 प्रतिशत का टैरिफ ही लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में ट्रंप की पिछली आर्थिक नीति की कड़ी आलोचना करते हुए उसे मनमाना बताया था। इस न्यायिक फैसले से वैश्विक व्यापार में मची उथल-पुथल के बीच भारत जैसे देशों के लिए निर्यात की राह कुछ आसान होने की उम्मीद जगी है।