CG Board Exam 2026: 29 अप्रैल तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए कलेक्टर का आदेश

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 20 फरवरी से 29 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विशेष परिस्थितियों या शासकीय कार्य के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति लेने का प्रावधान रखा गया है।


पुलिस ने की सहयोग की अपील

विवाह सीजन के चलते नियमों का पालन कराना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसे देखते हुए पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंध का पालन करें और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छा से सहयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


जिले में 13 हजार से अधिक छात्र दे रहे परीक्षा

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष कुल 13,311 विद्यार्थी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

  • कक्षा 10वीं के लिए पंजीकृत छात्र: 7,804
  • कक्षा 12वीं के लिए पंजीकृत छात्र: 5,507

पहले दिन 12वीं में भौतिकी और भूगोल विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। 12वीं के पहले पेपर में 45 छात्र अनुपस्थित रहे। बोर्ड परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को बोर्ड की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही औचक निरीक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है।

कॉलेज स्तर के करीब 2,000 विद्यार्थी भी इन दिनों वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं।


जीपीएम जिले में भी 18 मार्च तक प्रतिबंध

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में भी बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए 17 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत यह आदेश जारी किया है।

प्रशासन को विद्यार्थियों और पालकों से अत्यधिक शोर-शराबे के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए अधिनियम की धारा 13(1) में उल्लिखित विशेष अवसरों को छोड़कर अन्य सभी परिस्थितियों में लाउडस्पीकर और शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।


प्रशासन का संदेश

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि प्रदूषण से बचें और विद्यार्थियों के शांत वातावरण में अध्ययन के प्रयासों में सहयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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