दिलीप गुप्ता
सरायपाली : जोगनीपाली पंचायत भवन में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर जनसेवा की भावना के साथ निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन कर जयंती को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, को नेत्र व स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं परामर्श उपलब्ध कराना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी आंखों की जांच कराई और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया।
यह आयोजन माता सावित्रीबाई फुले समूह द्वारा पंचायत भवन, जोगनीपाली में किया गया। शिविर के दौरान अनेक बुजुर्गों ने नेत्र जांच का लाभ उठाया। ग्रामीण क्षेत्र में नेत्र संबंधी समस्याओं को देखते हुए यह पहल अत्यंत सराहनीय रही। जांच के दौरान दृष्टिदोष, मोतियाबिंद के प्रारंभिक लक्षण तथा आंखों से संबंधित सामान्य रोगों की पहचान की गई और आवश्यक सुझाव दिए गए। जरूरतमंदों को आगे के उपचार हेतु निशुल्क अस्पताल भेजा गया।

इस स्वास्थ्य शिविर में त्रिलोचन नेत्रालय के सहयोग से अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। नेत्रालय की टीम ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आंखों की जांच कर ग्रामीणों को निःशुल्क परामर्श दिया।
इस अवसर पर माता सावित्रीबाई फुले समूह की अध्यक्ष एवं समाजसेविका अनिता चौधरी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज स्वराज की स्थापना करने वाले वीर योद्धा थे। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को स्वाभिमान और साहस का मार्ग दिखाया। अनीता चौधरी ने कहा कि शिवाजी महाराज के जन्मदिवस पर नेत्र जांच शिविर का आयोजन कर हम उन्हें सेवा कार्य के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। समाज सेवा ही महान विभूतियों के प्रति हमारी वास्तविक श्रद्धा का प्रतीक है।उन्होंने आगे कहा कि ।
कार्यक्रम के दौरान माता सावित्रीबाई फुले समूह की सक्रिय सदस्याओं ने पूरे मनोयोग से शिविर की व्यवस्थाओं को संभाला। शिविर में पंजीयन से लेकर मरीजों की कतार व्यवस्था, बुजुर्गों की सहायता, दवाइयों एवं परामर्श तक हर स्तर पर सेवाभाव दिखाई दिया। इस अवसर पर समूह की सदस्य शकुंतला चौधरी, यशोदा चौधरी, शुभल्या साहू, ममता चौहान, सेतकुमारी पटेल, यशोदा चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि अक्सर दूरस्थ क्षेत्रों में नेत्र जांच जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। ऐसे में पंचायत भवन में शिविर का आयोजन होना बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ। कई बुजुर्गों ने पहली बार आंखों की जांच कराई और उचित मार्गदर्शन प्राप्त किया। इससे उन्हें समय रहते उपचार कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक समिति द्वारा त्रिलोचन नेत्रालय की टीम, पंचायत प्रतिनिधियों तथा सभी सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और समाजसेवा के कार्य नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर सेवा कार्य के माध्यम से समाज को जोड़ने की यह पहल न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली रही, बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनी। यह आयोजन इस बात का उदाहरण है कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव संभव हैं।