नई दिल्ली। फिल्म द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड की रिलीज से पहले देश में राजनीतिक और सिनेमाई विवाद एक बार फिर गहरा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने फिल्म के निर्माताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि यह फिल्म बिना किसी ठोस आधार के समाज में विभाजनकारी कहानियों को बढ़ावा दे रही है।
नई दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा के दौरान शशि थरूर ने कहा कि पहली फिल्म की तरह इसके सीक्वल में भी किए गए दावे सच्चाई से कोसों दूर हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि हजारों लोगों के धर्मांतरण की बात पूरी तरह झूठ है। थरूर के अनुसार, पिछले कई वर्षों में ऐसे बमुश्किल 30 मामले सामने आए होंगे, जिन्हें प्रोपेगैंडा के तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले सिनेमा का उद्देश्य भाईचारा बढ़ाना होता था, लेकिन अब ऐसी कहानियों के जरिए लोगों के मन में जहर घोला जा रहा है।
दूसरी ओर, फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि यह सीक्वल कट्टरपंथ के कड़वे सच को उजागर करेगा। फिल्म के ट्रेलर में राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की पृष्ठभूमि पर धर्मांतरण के विषयों को दिखाया गया है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म उन बेटियों की कहानी है जिन्हें निशाना बनाया गया। कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म आगामी 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
विवादों के बीच यह मामला अब कानूनी जांच के दायरे में भी पहुंच गया है। फिल्म के ट्रेलर और इसमें केरल के चित्रण को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी किया है, जिस पर 24 फरवरी को सुनवाई होनी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी इस फिल्म की निंदा करते हुए इसे राज्य की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।