बिलासपुर। रतनपुर स्थित तालाबों में कछुओं की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। महामाया मंदिर परिसर के तालाब में चार कछुओं के मृत मिलने के बाद अब बूढ़ा महादेव तालाब से आठ और कछुओं के शव बरामद किए गए हैं। पिछले एक साल के भीतर रतनपुर क्षेत्र में अब तक कुल 42 कछुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कानन पेंडारी से डॉ. पी.के. चंदन और उनकी टीम को जांच के लिए बुलाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मृत कछुओं के अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। एक कछुए का फेफड़ा फटा हुआ मिला है, जो किसी भारी वस्तु से जोरदार प्रहार की ओर संकेत करता है। सभी आठों कछुओं की स्थिति वैसी ही पाई गई है जैसी पिछले सप्ताह मिले चार कछुओं की थी। चिकित्सकों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट वन विभाग को सौंप दी है।
जांच का दायरा महामाया मंदिर से लेकर बूढ़ा महादेव तालाब तक फैला हुआ है, जिनके बीच करीब ढाई किलोमीटर की दूरी है। पुलिस और वन विभाग की टीम महामाया मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हालांकि, बूढ़ा महादेव तालाब के पास कैमरे न होने के कारण सुराग जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में भी महामाया मंदिर तालाब में अवैध रूप से मछली पकड़ने के जाल में फंसकर 30 कछुओं की मौत हुई थी। उस मामले में कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए थे। वर्तमान घटनाक्रम में अभी किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभाग शिकार और आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रहा है।