चारामा– वन विभाग चारामा में आज तेंदूपत्ता शाखकत॔न कार्यशाला का आयोजन किया गया, साथ ही वनो के संरक्षण हेतू वनो को आग से बचाने की शपथ जनपद अध्यक्ष जागेश्वरी भास्कर के द्वारा दिलाई गई कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नितिन पोटाई जिलाध्यक्ष लघु वनोपज संघ विशेष अतिथि जागेश्वरी भास्कर अध्यक्ष जनपद पंचायत चारामा .विजय मंडावी वरिष्ठ भाजपा नेता संतोषी सिन्हा. सदस्य जनपद पंचायत चारामा. पंचराम सिन्हा. प्रताप सलाम.
सत्कार पटेल रहे कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियो द्वारा माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया वन परिक्षेत्राधिकारी चारामा भूमिका श्रीमाली द्वारा कार्यशाला के उद्देश्य पर संक्षिप्त प्रस्तावना पडा गया,मुख्य अतिथि नितिन पोटाई द्वारा तेंदूपत्ता शाखकत॔न कार्यशाला पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित फंड मुंशियो संग्रहण कर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा की फंडमुशियो संग्रहणकरताओ के कारण ही हम तेंदूपत्ता का उपज बेहतर गुणवत्तापूर्ण कर पाते है। साथ ही तेंदूपत्ता के अच्छे एवं उत्पादन के लिए समय पर शाखकत॔न बुटा कटाई का कार्य होना आवश्यक है। यह हर्ष का विषय है कि ।तेंदूपत्ता उपज बडाने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।संग्रहण में फंडमुशी. प्रबंधक. संग्रहणकर्ता रीड की हड्डी के समान है। सरकार संग्रहण कर्ताओ को बीमा का लाभ भी देती है।
शाखकत॔न से हमे अच्छी उपज का लाभ होता है। निश्चित तौर पर साखकरतन का कार्य पुरी जिम्मेदारी से करनी चाहिए जिससे अच्छी पैदावार अच्छी उपज के साथ साथ अच्छा बोनस का लाभ भी संग्रहण कर्ता परिवार कों मिले हालाकि साखकर्तन के कार्य में बहुत कम राशि मिलता है। परन्तु संग्रहण कर्ताओ के परिवार को बोनस. बीमा क्षात्रवृती का लाभ भी मिलता है। जिसके लिए प्रत्येक परिवार को कम से कम 5 सौ गड्डी तेंदूपत्ता का संग्रहण करना चाहिए साथ ही इसके लिए लोंगो को प्रोत्साहित करना चाहिए पेड कटने से पर्यावरण की हानी हो रही है,जिसे बचाने के लिये पेड़ों की गिनती होनी चाहिए जिस प्रकार से विदेशो में संरक्षण के लिए गणना की जाती है। उसी प्रकार हमारे देश में भी गरणा होनी चाहिए। वनो को हम सभी बचाये साथ ही कुछ संग्रहण कर्ता भाई समय पर बीमा का प्रकरण समय पर जमा नही कर पाने के कारण बीमा के लाभ से वंचित हो जाते है। वे भाई समय पर बीमा का प्रकरण जमा करे। संग्रहण कर्ता भाई का निधन होने पर बीमा का लाभ आवेदन करने पर तुरंत मिलता है।
वही पोटाई द्वारा संग्रहण कर्ता परिवार की जानकारी देते हुए बताया की पुरे छत्तीसगढ प्रदेश मे 11 हजार पंडमुशी कार्य कर रहे है। और कांकेर जिले में 304 पंडमुंशी और 13 लाख वन उपज संग्रहण परिवार है। 902 प्रबंधक गण है। साथ ही कहा की संग्रहण कर्ताओ के परेशानी को ध्यान मे रखते हुए शासन प्रशासन को समय-समय पर अवगत कराया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता के अच्छे उत्पादन के लिए प्रथमिकता से साखकरतन कार्य करने की अपील संग्रहण कर्ता परिवार से की। सभा को वनोपज के पूर्व अध्यक्ष विजय मंडावी. जागेश्वरी भास्कर. संतोषी सिन्हा. एवं अन्य अतिथियो द्वारा भी संबोधित किया गया, उप मंडलाधिकारी वन विभाग कोरर एवं उप प्रबंधक नंदकिशोर यादव एवं तरूण देवदास द्वारा संग्रहण कर्ताओ को साखकरतन बुटा कटाई की जानकारी दी गई इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियो के साथ ही साथ बडी संख्या में फंडमुशी प्रबंधक एवं संग्रहण कर्ता उपस्थित थे।