मुंबई। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए गुरुवार का दिन बेहद निराशाजनक रहा। तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत करने के बाद बाजार की चाल अचानक बदल गई और आखिरी घंटे में मचे कोहराम से मार्केट क्रैश हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा फिसलकर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 365 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में आई इस सुनामी के कारण निवेशकों की सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति स्वाहा हो गई।
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत राहत भरी रही थी और दोनों इंडेक्स हरे निशान में खुले थे। कुछ देर के उछाल के बाद बाजार फिसलने लगा और अंत तक गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 83,969 के स्तर पर खुलने के बाद 1236.11 अंक टूटकर 82,498 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने 25,873 पर ओपनिंग की थी, लेकिन बाजार बंद होने तक यह 365 अंकों की गिरावट के साथ 25,454.35 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले कारोबारी दिन के 472 लाख करोड़ रुपये से घटकर 465 लाख करोड़ रुपये के करीब आ गया। बाजार में मचे इस हाहाकार के पीछे मुख्य कारण मुनाफावसूली को माना जा रहा है। इसके अलावा आईटी शेयरों में बिकवाली, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल भी बाजार गिरने की बड़ी वजह रहे।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर गौतम अडानी की अडानी पोर्ट्स तक के शेयर दबाव में नजर आए। लार्जकैप कैटेगरी में इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, भेल, अडानी पोर्ट्स, कोटक बैंक और रिलायंस के शेयरों में दो से तीन प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं मिडकैप सेगमेंट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, पेटीएम और गोदरेज प्रॉपर्टीज के शेयर भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए।