ईशानगर (छतरपुर)। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत अब मासूम छात्रों की जान पर बन आई है। छतरपुर जिले के ईशानगर स्थित शासकीय सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा के दौरान एक छात्र गंभीर हादसे का शिकार हो गया। परीक्षा हॉल में पेपर लिख रहे छात्र के ऊपर छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर गया, जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गया। इस घटना ने शिक्षा विभाग के उन दावों की हवा निकाल दी है, जिनमें परीक्षा से पहले केंद्रों की मरम्मत और सुरक्षा की बात कही गई थी।
सिर और कंधे पर आई गंभीर चोटें
जानकारी के अनुसार, कक्षा 12वीं की परीक्षा चल रही थी। छात्र गोलू कुशवाहा कक्ष क्रमांक 14 में अपना पेपर दे रहा था, तभी अचानक छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा उसके ऊपर आ गिरा। प्लास्टर गिरने से गोलू के सिर, कंधे और उंगलियों में गहरी चोटें आई हैं। घायल छात्र ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र की हालत बेहद खराब है और हादसे के बाद किसी भी शिक्षक ने उसे अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई।
पल्ला झाड़ता नजर आया स्कूल प्रबंधन
एक ओर जहां इस घटना के बाद अभिभावकों में भारी गुस्सा है, वहीं स्कूल प्रशासन अपनी कमियां छिपाने में लगा है। प्रभारी प्राचार्य के.एल. राय का कहना है कि परीक्षा से पहले सभी कमरों की जांच की गई थी। उन्होंने छात्र की चोटों को मामूली बताते हुए कहा कि उसे केवल उंगलियों में चोट आई है। हालांकि, छात्र की हालत और मौके की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। सवाल यह उठता है कि अगर छात्र को ज्यादा गंभीर चोट आती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
छतरपुर की इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश के हजारों जर्जर स्कूली भवनों की ओर ध्यान खींचा है, जहाँ छात्र हर दिन मौत के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।