इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल इन दिनों मरीजों के इलाज से ज्यादा वहां घूम रहे जानवरों को लेकर सुर्खियों में है। पहले इस अस्पताल में चूहों के आतंक की खबरें आई थीं, लेकिन अब बिल्लियों ने यहां अपना डेरा जमा लिया है। अस्पताल के ओपीडी (OPD), इमरजेंसी वार्ड और यहां तक कि कैंटीन में भी ये बिल्लियां बेखौफ घूम रही हैं, जिससे संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
संवेदनशील वार्डों में भी घुसपैठ
सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि एचआईवी (HIV) संक्रमित मरीजों के बेहद संवेदनशील वार्डों में भी बिल्लियों की आवाजाही देखी गई है। नियमों के मुताबिक, इन जगहों पर सफाई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए, लेकिन यहां बिल्लियां मरीजों के आसपास मंडराती नजर आती हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि कई बार दवाइयों के पैकेट फटे हुए मिलते हैं और जांच के लिए रखे गए सैंपल्स के साथ भी छेड़छाड़ होने का डर बना रहता है।
कैंटीन और ओटी के पास गंदगी का अंबार
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि अस्पताल की कैंटीन, जहां मरीजों का खाना बनता है, वहां बिल्लियां खुलेआम घूम रही हैं। करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन स्वच्छता बनाए रखने में नाकाम साबित हो रहा है। ऑपरेशन थिएटर (OT) के आसपास जानवरों का होना न केवल लापरवाही है, बल्कि यह मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
अस्पताल के भीतर ऐसी स्थिति ने प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूर-दराज से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले लोग अब यहां के संक्रमण भरे माहौल से डरे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन जानवरों को बाहर निकालने और अस्पताल को सुरक्षित बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।