राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम डिवीजन और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त कार्रवाई में टिकरापारा थाना क्षेत्र से दो अंतर्राज्यीय महिला तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई है।

भाठागांव में घेराबंदी कर कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा के भाठागांव स्थित रावणभाठा मैदान के पास दो महिलाएं गांजा बेचने की तैयारी में खड़ी हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदेह के आधार पर दो युवतियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके बैग से 10 किलो गांजा बरामद किया गया।
शहडोल गैंग से जुड़े तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खिलेश्वरी वर्मा (18 वर्ष, भनपुरी, रायपुर) और इसरत बानो (21 वर्ष, शहडोल, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसरत बानो मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक अंतर्राज्यीय नशा तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस की जांच कर रही है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
2026 में अब तक 30 तस्कर गिरफ्तार
रायपुर पुलिस के नशा मुक्ति अभियान के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों में गांजा तस्करी के 14 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में अब तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने इस अवधि में कुल 141.768 किलोग्राम गांजा, 2 लाख रुपये से अधिक नकदी, 2 कार और 6 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 83 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।