मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है, जो राज्य के इतिहास में एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का पहला ‘पेपरलेस’ बजट पेश करेंगे। इस बार वित्त मंत्री पारंपरिक सूटकेस के बजाय टैबलेट के जरिए बजट पढ़ेंगे। करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये का यह बजट पिछले साल की तुलना में 15% बड़ा होने की उम्मीद है, जिसमें सरकार ने अगले तीन साल का रोडमैप तैयार किया है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश करने से पहले बताया कि यह बजट पूरी तरह से जनता को समर्पित है, जिसमें महिला, युवा, किसान और गरीब यानी ‘चारों स्तंभों’ पर विशेष फोकस किया गया है। सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है, जिसके तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। साथ ही, युवाओं के लिए नई सरकारी नौकरियों और उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष बजट आवंटन की भी संभावना है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का पहला बजट 1956 में भगवंत राव मंडलोई ने पेश किया था और तब से अब तक के सफर में यह पहला मौका है जब तकनीक का सहारा लेकर डिजिटल बजट पेश किया जा रहा है।