दुर्ग। राष्ट्रीय पेंशन योजना के खातों में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर करोड़ों रुपये हड़पने के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य सहयोगी की तलाश जारी है। यह पूरी कार्रवाई पाटन थाना पुलिस द्वारा की गई है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बोकारो झारखंड स्थित एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक ने पाटन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पेंशन योजना से जुड़े खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई है। पुलिस जांच में पता चला कि जिन व्यक्तियों को कागजों में मृत दिखाकर राशि हड़पी गई, वे सभी असल में जीवित हैं।
जांच में सामने आया है कि दुर्ग में ऑनलाइन सेवा केंद्र चलाने वाला राजेश कन्नौजिया ग्राहकों से उनके आधार, पैन कार्ड और बैंक विवरण प्राप्त करता था। इसके बाद वह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत्यु दावा पेश करता था। इस षड्यंत्र में एचडीएफसी लाइफ का पूर्व कर्मचारी राजेश ठाकुर भी शामिल था, जो अपने पद का दुरुपयोग कर इन जाली दस्तावेजों को अपलोड करता और गलत सत्यापन कर राशि पास कराता था। पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन और अमान्य क्यूआर कोड के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए गिरफ्तारी की है।