शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पिछले दिनों निवेशकों का आकर्षण सोने और चांदी की ओर तेजी से बढ़ा था। तेजी के माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश किया। हालांकि, अब बाजार की स्थिति बदल चुकी है और इन ईटीएफ की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। सिल्वर ईटीएफ अपने उच्चतम स्तर से 40 प्रतिशत और गोल्ड ईटीएफ 15 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं, जिससे ऊंचे भाव पर खरीदारी करने वाले निवेशक नुकसान में हैं।
बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी
मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ा सुधार देखा गया। सोना 2,127 रुपये गिरकर 1,52,633 रुपये पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत 8,800 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2,31,006 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। इस गिरावट का सीधा असर ईटीएफ पर पड़ा। सिल्वर ईटीएफ में 3 प्रतिशत और गोल्ड ईटीएफ में लगभग 2 प्रतिशत की कमी आई।
प्रमुख फंड्स के प्रदर्शन पर एक नजर
आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ की कीमत 360 रुपये थी, जो अब घटकर 219.69 रुपये पर आ गई है। इसी तरह आईसीआईसीआई, एसबीआई और टाटा सिल्वर ईटीएफ में भी उनके रिकॉर्ड हाई से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। गोल्ड ईटीएफ की बात करें तो निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ 148 रुपये से गिरकर 124.71 रुपये पर आ गया है। एसबीआई, आईसीआईसीआई और टाटा गोल्ड ईटीएफ के भाव में भी भारी कमी देखी जा रही है।
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिका में रोजगार के बेहतर आंकड़ों के कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं। मजबूत होते डॉलर ने भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है, जिसका सीधा असर ईटीएफ की कीमतों में गिरावट के रूप में सामने आ रहा है।