सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक: विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ के बजट को मंजूरी, लापरवाही बरतने वाले 9 इंजीनियर निलंबित

बैकुंठपुर (कोरिया)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में क्षेत्र के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैकुंठपुर जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस सरगुजा और बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में ढिलाई बरतने पर एक मुख्य अभियंता और आठ कार्यपालन अभियंताओं (कुल 9 इंजीनियर) को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं के अनुबंध भी निरस्त कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पर्यटन और जनहित के बड़े फैसले बैठक में सरगुजा संभाग के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

  • मयाली नेचर कैंप: जशपुर के कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैंप को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के लिए 40 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
  • हाथी-द्वंद्व मुआवजा: जंगली हाथियों के हमले से प्रभावित लोगों के लिए मकान क्षति की मुआवजा राशि बढ़ा दी गई है। अन्य मुआवजा मदों की दरों में वृद्धि के लिए विभागीय परीक्षण जारी है।
  • विद्युतीकरण: सोनहत विकासखंड के गांवों में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विद्युतीकरण तेज करने और जशपुर में त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों को सुधारने के निर्देश दिए गए।
  • गन्ना मिल: लुंड्रा, बतौली और प्रतापपुर क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन बढ़ने के कारण गन्ना मिल प्रारंभ करने के सुझाव पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।

विकास कार्यों को मिली रफ्तार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर 543 नए विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वर्ष 2024-25 के 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन मिला। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को मार्च माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की बैठकों से जिलों की पहचान बढ़ रही है। पिछले वर्ष मयाली में हुई बैठक से उसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर जगह मिली और अब बैकुंठपुर के झुमका जलाशय जैसी जगहों में पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। बैठक में मंत्री रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े सहित संभाग के सांसद और विधायक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *