दूषित पानी लेकर सदन पहुंचे कांग्रेसी, इंदौर कांड पर मंत्री का मांगा इस्तीफा

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन के भीतर और बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने अनोखा प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक हाथों में गंदे पानी की बोतलें और सरकार विरोधी तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने इस “पानी कांड” के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है।

“जनता श्मशान जा रही और मंत्री कुर्सी पर बैठे हैं”

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब सरकार जनता से टैक्स लेती है, तो क्या उसे साफ पानी पिलाने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है? राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार स्वच्छ पानी का दावा करती है, लेकिन हकीकत में जनता जहरीला पानी पीकर जान गंवा रही है। इंदौर की जनता श्मशान घाट जा रही है और मंत्री अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैं। मुख्यमंत्री को तत्काल मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए।”

कांग्रेस विधायकों की तख्तियों पर लिखे नारे जैसे ‘नंबर-1 का शहर बताया, लेकिन जहर का पानी पिलाया’ और ’35 मौतों का हिसाब दो’ सदन के गलियारों में चर्चा का विषय बने रहे।

बीजेपी का पलटवार: “कांग्रेस को इस्तीफा मांगने का हक नहीं”

विपक्ष के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष ने भी करारा जवाब दिया। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को नैतिक रूप से इस्तीफा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जो स्थितियां बनी हैं, वे कांग्रेस की पुरानी गलत नीतियों का नतीजा हैं। बीजेपी सरकार इन समस्याओं को सुधारने का काम कर रही है।

क्या है इंदौर का ‘पानी कांड’?

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पिछले दिनों दूषित पानी की सप्लाई के कारण हाहाकार मच गया था। गंदा पानी पीने से बीमार हुए लोगों में से अब तक करीब 35 लोगों की मौत (विपक्ष के दावों के अनुसार) हो चुकी है, हालांकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या अलग बताई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहा है।

कल पेश होगा बजट: विधानसभा की कार्यवाही के बीच बुधवार को सदन में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। 6 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में 3400 से ज्यादा प्रश्न और कई ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होनी है, जिसमें पानी और जनस्वास्थ्य का मुद्दा सबसे गरमाया रहने वाला है।

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