नई दिल्ली। साल 2026 की पहली महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के रूप में आज सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही क्षेत्रों में इस घटना को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा। हालांकि भारतीय संदर्भ में राहत की बात यह है कि इस ग्रहण का कोई भी प्रभाव भारत पर नहीं पड़ेगा।
ग्रहण का समय और अवधि
भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगा। इसका मध्य समय शाम 5 बजकर 40 मिनट पर रहेगा और ग्रहण की समाप्ति शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगी। इस खगोलीय घटना की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 32 मिनट की रहेगी।
भारत में नहीं लगेगा सूतक काल
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। शास्त्रों के मुताबिक ग्रहण का असर केवल उन्हीं क्षेत्रों में माना जाता है जहां वह दिखाई देता है। इसलिए भारत में मंदिरों के पट खुले रहेंगे और सामान्य दिनचर्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी। गर्भवती महिलाओं को भी इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता नहीं है।
इन देशों में दिखाई देगा नजारा
यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना व चिली जैसे हिस्सों में दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय समयानुसार नियमों का पालन कर सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर तकनीकी प्रभाव की संभावना
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ग्रहण के समय ग्रहों की विशेष युति बन रही है। मिथुन लग्न में सूर्य, चंद्रमा और राहु की उपस्थिति के कारण तकनीकी क्षेत्रों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान संचार माध्यमों, इंटरनेट सेवाओं और सैटेलाइट सिस्टम में कुछ अस्थायी बाधाएं आ सकती हैं।