इंदौर। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर आज प्रदेशभर के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े हुई हत्या के विरोध में प्रदेश का अभिभाषक समुदाय एकजुट हो गया है। इंदौर सहित सभी जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में वकीलों ने काम का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि अधिवक्ता पिछले दो दशकों से निरंतर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं। साल 2012 से राज्य सरकार द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन इसे अब तक कानून का रूप नहीं दिया गया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा कानून लागू नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छतरपुर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वहां बड़ी संख्या में वकीलों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कलेक्टर के समय पर न पहुंचने से नाराज अधिवक्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और कलेक्ट्रेट भवन में प्रवेश कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ वकीलों ने आक्रोश में आकर कपड़े उतारकर विरोध प्रदर्शन किया और शहर के मुख्य चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।
उल्लेखनीय है कि शिवपुरी के करैरा में अधिवक्ता संजय सक्सेना की बाइक से कोर्ट जाते समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने इसे जमीन विवाद और सुपारी किलिंग से जुड़ा मामला बताया है। पुलिस ने इस मामले में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद तीन शूटरों सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच में दस लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का खुलासा हुआ है।