जबलपुर/शिवपुरी. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की नृशंस हत्या के विरोध में आज पूरे प्रदेश का वकील समुदाय लामबंद हो गया है। स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर के अधिवक्ता ‘प्रतिवाद दिवस’ मना रहे हैं, जिसके कारण उच्च न्यायालय से लेकर निचली अदालतों तक में पैरवी और न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हैं।
सनसनीखेज हत्याकांड का घटनाक्रम
बीते 14 फरवरी को 57 वर्षीय अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना जब करैरा सिविल कोर्ट जा रहे थे, तब आनंद सागर मंदिर के पास घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या एक जमीन विवाद में केस जीतने की रंजिश के चलते सुपारी देकर कराई गई है। पुलिस जांच में भी 10 लाख रुपये की सुपारी का एंगल सामने आया है। रविवार को पुलिस ने एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद तीन शूटरों सहित पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
वकीलों की प्रमुख मांगें और आक्रोश
अधिवक्ता समुदाय इस घटना से बेहद आक्रोशित है और सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
मृतक वकील के पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
प्रदेश में ‘एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता सुरक्षा कानून) को तत्काल प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
सभी आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में वकील एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो राजधानी भोपाल में एक बड़ा आंदोलन और घेराव किया जाएगा। इस हड़ताल के चलते आज हजारों मामलों की सुनवाई टल गई है, जिससे अदालती कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है।