मनेन्द्रगढ़। अमृतधारा महोत्सव के दौरान शुक्रवार को उस समय अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई, जब नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव और उनके पति व विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव व्यवस्थाओं से नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। इस घटना के कारण कुछ देर के लिए आयोजन स्थल पर तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मिली जानकारी के अनुसार विवाद की मुख्य वजह प्रोटोकॉल का पालन न होना और पुलिस द्वारा वाहन को रोका जाना बताया जा रहा है। महोत्सव में जब मंचीय कार्यक्रम चल रहा था, तब मंच से विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव का नाम तो पुकारा गया लेकिन नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव का नाम नहीं लिया गया। इस उपेक्षा से नाराज होकर दोनों ने मंच पर जाने से इनकार कर दिया।
वहीं सरजू यादव ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग के पास उनके वाहन को रोक दिया गया था। आरोप है कि वाहन पर नेम प्लेट लगी होने और परिचय देने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। बार-बार रोके जाने से आक्रोशित होकर विधायक प्रतिनिधि ने वाहन पर लगा नगरपालिका अध्यक्ष का बोर्ड निकालकर कार्यक्रम स्थल पर फेंक दिया और वहां से वापस लौट गए।
इस घटना के बाद अमृतधारा महोत्सव की आयोजन समिति की व्यवस्थाओं और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वहां मौजूद अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन जनप्रतिनिधियों की नाराजगी दूर नहीं हो सकी। क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या आप इस मामले में प्रशासन या आयोजन समिति की ओर से जारी किया गया कोई स्पष्टीकरण भी तैयार करवाना चाहेंगे?