कुशीनगर जिले के गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज के 700 छात्र इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। इसकी वजह विभागीय लापरवाही बताई जा रही है, जिससे छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने की संभावना है। मामले के सामने आने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में हड़कंप मच गया है।

क्या हुई गलती?
- इंटर के पत्राचार माध्यम के छात्रों के फॉर्म नियमों के अनुसार सही ढंग से भरे नहीं गए।
- नोडल अधिकारी की जगह लिपिक के हस्ताक्षर से फॉर्म भरे गए।
- परीक्षा शुल्क भी जमा नहीं किया गया।
इन सभी खामियों के कारण शिक्षा विभाग ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी।
छात्रों और परिजनों की प्रतिक्रिया
छात्र और उनके अभिभावक विभाग की लापरवाही के खिलाफ नाराज हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि आखिर क्यों 700 छात्र अपने भविष्य के साथ समझौता करने के लिए मजबूर हो रहे हैं जबकि गलती विभाग की है।
अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर
मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी तक जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में रोष और चिंता बढ़ गई है।