कोरिया 13 फरवरी कोरिया जिले के जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत उमझर निवासी लीलावत्ती और उनके पति जगमोहन की दैनिक जीवन शैली एक सामान्य किसान परिवार के धैर्य के साथ जारी संघर्ष और उम्मीद की सफलता की एक जीवंत मिसाल है। आज से कुछ समय पूर्व तक उनका जीवन अभावों से घिरा हुआ था। वे एक साधारण किसान और दिहाड़ी मजदूर हैं। मेहनत ही उनकी पूंजी है और दैनिक मजदूरी ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन भी है।
इस तरह की परिस्थितियों के बीच पक्के मकान का सपना उनके लिए सपने जैसा ही था। यह परिवार जिस पुराने कच्चे मकान में निवास करता था उसकी हालत भी उनकी आर्थिक स्थिति की तरह जर्जर हो चुकी थी। बरसात का मौसम आते ही उनके परिवार पर चिंता के बादल मंडराने लगते थे। मकान की दीवारों में दरारें, छत से टपकता पानी और कभी भी ढह जाने का भय यह सब उनके जीवन का हिस्सा बन चुका था। हर वर्ष बारिश से पहले थोड़ी-बहुत बचत मकान की मरम्मत में खर्च करनी पड़ती थी। परिणामस्वरूप, उनकी आय का बड़ा हिस्सा अस्थायी सुधार में ही समाप्त हो जाता था, जिससे जीवन में आगे बढ़ने के अवसर और भी सीमित हो जाते थे।
इन्हीं संघर्षों के बीच गत वर्ष उनके जीवन में आशा की किरण बनकर प्रधानमंत्री आवास योजना ने बड़ा परिवर्तन स्थापित कर दिया। इस योजना के अंतर्गत उनका चयन होने के उपरांत आवास पंजीयन कार्य हुआ और योजना के अंतर्गत उन्हे एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई।
ग्राम पंचायत स्तर तक प्रशासन के मैदानी कर्मचारियों के मार्गदर्शन एवं सहयोग से श्रीमती लीलावती और उनके पति जगमोहन ने निर्धारित समय-सीमा में अपने पक्के मकान का निर्माण कार्य पूर्ण किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही इस परिवार को मनरेगा योजना के तहत नब्बे दिवस की अकुशल मजदूरी के बदले लगभग 22 हजार रूपए का पारिश्रमिक भी प्राप्त हुआ तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत पक्के शौचालय का निर्माण भी हो गया। अपने पक्के मकान में मुस्कान लेकर लीलावती कहती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले जर्जर कच्चा मकान था, वहां आज एक सुंदर और मजबूत पक्का घर खड़ा है। संक्षेप में कहें तो यह सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि उनके सामाजिक जीवन में बड़े बदलाव का प्रतीक है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली लीलावती और जगमोहन की जिंदगी

13
Feb