नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और आईटी सेक्टर में जारी बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 755 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 82,919 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 223 अंक टूटकर 25,584 पर खुला। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में गिरावट का दौर जारी है।
बाजार की इस हलचल के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया के शेयरों में 12 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखने को मिला। कंपनी का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़कर 347.2 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जिसका सकारात्मक असर उसके शेयरों पर पड़ा। इसी तरह ओएनजीसी के मुनाफे में भी 22.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद बोर्ड ने प्रति शेयर 6.25 रुपये अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है। दूसरी ओर, कोल इंडिया के मुनाफे में 15.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी कमजोर रही। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 8 पैसे गिरकर 90.69 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मंदी का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है। हालांकि, एसबीआई लाइफ, भारती एयरटेल और टाटा कंज्यूमर जैसे शेयर बाजार को संभालने की कोशिश में हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं।
इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आईटी सेक्टर के भविष्य पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे बदलावों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने निवेशकों से भविष्य को लेकर सकारात्मक रहने और देश के तकनीकी इकोसिस्टम पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है।