सक्ती ,एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सांसद प्रतिनिधि पोषक महंत ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मजदूर विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि नई श्रम नीतियाँ श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करती हैं तथा मजदूरों के शोषण को प्रोत्साहित करती हैं।
पोषक महंत ने अपने बयान में कहा कि सरकार की नीतियाँ श्रमिक वर्ग की सुरक्षा, वेतन, कार्य-घंटों और सामाजिक सुरक्षा जैसे मूलभूत अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था पूंजीपतियों को अधिक लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे भारतीय समाज में आर्थिक और सामाजिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके हितों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पोषक महंत ने सरकार से मांग की है कि लेबर कोड की विवादित धाराओं की पुनः समीक्षा कर श्रमिक संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए तथा मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक संशोधन किए जाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो व्यापक जनआंदोलन की स्थिति निर्मित हो सकती है। मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।