रायपुर। प्रदेश के स्कूलों में बच्चों द्वारा किए जा रहे जोखिम भरे स्टंट और धारदार हथियारों के प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें छात्र स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान खतरनाक करतब करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल आयोग ने लोक शिक्षण संचालक, सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि विदाई समारोह या अन्य आयोजनों के नाम पर बच्चों की जान जोखिम में डालना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल में आयोजित होने वाले हर कार्यक्रम की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी और कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
आयोग ने अनुशंसा की है कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार के खतरनाक स्टंट या हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं सामने आने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा। बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब सख्ती के मूड में नजर आ रहा है।