सपवाडीह स्कूल में कुल 5 बच्चों के पीछे 2 शिक्षक

बच्चों को खीर पूड़ी नहीं मिल रही । बच्चे पलायन की झेल रहे मार
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली के नवागढ़ संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले तिलाइपाली के आश्रित ग्राम सपवाडीह प्राथमिक शाला में मात्र 5 बच्चे अध्ययनरत है । पालकों के पलायन के चलते 11 बच्चे विगत 4-5 महीनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं । वहीं बच्चों से पूछने पर बताया गया कि उन्हें स्कूल में खीर पूड़ी नहीं मिलने वाली बात कही । यह विद्यालय व इसमें पढ़ने वाले शेष 11 बच्चे पलायन की मजबूरी का मार झेल रहे हैं । तो वहीं मात्र 5 बच्चों के पीछे सरकार पर भी प्रतिमाह हजारों रुपये का बोझ बढ़ रहा है । बच्चों के अनुपस्थित व बेहद कम दर्ज संख्या के चलते दो शिक्षकों के पास भी कोई काम नहीं है वे आखिर किसे पढ़ाएं ?

       ग्राम तिलाइपाली के पहाड़ियों के नीचे बसे आश्रित ग्राम सपवाडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक चंद्रशेखर चौधरी की अनुपस्थिति में सहायक शिक्षक मनोज पटेल से जानकारी लिये जाने पर उन्होंने बताया कि प्रधान पाठक चंद्रशेखर चौधरी पांचवीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में संकुल केंद्र नवागढ़ गये हैं । स्कूल में दर्ज संख्या पर बताया कि 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में इस विद्यायल में मात्र 16 बच्चों की दर्ज संख्या है । उसमें में विगत अक्टुबर - नवंबर से मात्र 5 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं । कारण पूछने पर  पटेल ने बताया कि शेष 11 बच्चों के माता पिता अन्य स्थानों पर मजदूरी करने के लिए पलायन कर दिये जाने से बच्चे भी उन्हीं के साथ चले गए । शेष 5 बच्चों के बच्चे भी अपने दादी व दादा के पास रहकर पढ़ाई कर रहे हैं ।

बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में मध्यान्ह भोजन में आलू , भाटा व अन्य सब्जी दी जाती है । खीर ,पूड़ी, फल व बिस्कुट नहीं मिलता । पर सहायक शिक्षक मनोज पटेल ने बताया कि कभी कभी देते हैं । मात्र 5 बच्चों के लिए एक महिला रसोइया भी है ।
शिक्षा विभाग व प्रशासन को इसे संज्ञान में लेते हुवे किसी एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत अन्य जरूरतमंद विद्यालय जहां शिक्षकों की कमी है में पदस्थ किया जाना चाहिए । मात्र 5 बच्चों में 2 शिक्षकों की नियुक्ति शायद अनावश्यक है ।इससे सरकार को अनावश्यक रूप से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है तो वहीं नियुक्त शिक्षकों का सही सदुपयोग भी नहीं हो पा रहा है । वहीं विभाग को संभव हो तो इन 5 बच्चों को समीप ही तिलाइपाली स्कूल में भी मर्ज किया जा सकता है ।

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