नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम स्थित केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला बंदी द्वारा जेल वाहन में बच्ची को जन्म देने और उसके कुछ घंटों बाद नवजात की मौत होने का मामला सामने आया है। अस्पताल ले जाते समय हुई इस प्रीमेच्योर डिलीवरी के बाद बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और नियमानुसार न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।
सीहोर जिले के शाहगंज निवासी महिला बंदी और उसका पति साल 2017 से हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उपजेल अधीक्षक प्रहलाद सिंह के अनुसार, दोनों जेल के अलग खंड में रहते हैं और पिछले चार वर्षों से उन्हें पैरोल का लाभ मिल रहा है। अगस्त 2025 में पैरोल के दौरान महिला गर्भवती हुई थी, जिसकी नियमित जांच जेल प्रशासन द्वारा कराई जा रही थी। सोनोग्राफी में नवजात के स्वास्थ्य में जटिलता पाए जाने पर मेडिकल बोर्ड ने प्रसव की अनुमति दी थी, जिसके लिए महिला को हाल ही में भोपाल से नर्मदापुरम लाया गया था।
मंगलवार सुबह महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए वाहन में बैठाया। इसी दौरान महिला ने वाहन में ही बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद मां और शिशु दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन देर शाम बच्ची की मृत्यु हो गई। चूंकि नवजात तकनीकी रूप से जेल की अभिरक्षा में था, इसलिए तहसीलदार सरिता मालवीय की उपस्थिति