प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क हुई जर्जर अब रीपेरिंग कार्य मे ठेकेदार की मनमानी और ठेकेदार की तरफदारी में एसडीओ ने कहा मटेरियल नही है इस लिए काम बंद है। सवाल ये उठता है कि मटेरियल नही था तो रीपेरिंग कार्य शुरू ही क्यों किया गया ।
मामला डुमरिया मुख्य मार्ग से परसापारा पहुंच मार्ग का है, जहां मरम्मत कार्य के नाम पर ग्रामीणों के साथ धोखा किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि करीब ढाई किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए लगभग 6 लाख रुपए की लागत स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर काम केवल खानापूर्ति तक सीमित रह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक डम्पर डामर-गिट्टी मिश्रण डालकर मरम्मत कार्य थोड़ा किया बाकी सड़क आज भी जर्जर हालत में है
ग्रामीणों ने प्रशासनिक जिम्मेदारों और ठेकेदार के बीच जबरदस्त जुगलबंदी का आरोप लगाया है। संबंधित विभाग की एसडीओ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन पर पूरे मामले में आंख मूंदे रहने का आरोप लगाया जा रहा है। मरम्मत कार्य स्थल पर नागरिक सूचना पटल तक नहीं लगाया गया, जिससे कार्य की लागत और अवधि की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिल पाई। केवल एक-दो स्थानों पर पैचवर्क किया गया, जबकि अधिकांश जगह सड़क की हालत खराब ही छोड़ दी गई।
वहीं जिम्मेदार एसडीओ का कहना है कि ठेकेदार के पास मटेरियल खत्म हो जाने की वजह से सड़क मरम्मत का कार्य बंद है। हालांकि यह तर्क भी कई सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि संबंधित विभाग का ठेकेदार पर नियंत्रण नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इससे ठेकेदार की मनमानी चलने की बात भी सामने आ रही है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।