नई दिल्ली। सनातन धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है। इस पावन अवसर पर महादेव की विशेष साधना और पूजन करने से सुख-शांति और वैवाहिक जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 5 फरवरी को मनाया जाएगा।
स्वप्न शास्त्र के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सपने में भगवान शिव के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसे सपने भविष्य में आने वाले सकारात्मक बदलावों की ओर इशारा करते हैं। यदि कोई जातक सपने में शिवलिंग देखता है, तो इसे सभी पापों से मुक्ति और जीवन से नकारात्मकता के नाश का संकेत माना जाता है। साथ ही, यह महादेव की कृपा से रुके हुए कार्यों के पूर्ण होने की ओर भी संकेत करता है।
वहीं, भगवान शिव और माता पार्वती को एक साथ सपने में देखना वैवाहिक जीवन के लिए शुभ फलदायी होता है। इससे रिश्तों में मधुरता आती है और घर के कलह समाप्त होते हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में त्रिशूल का दिखना संकटों के दूर होने का प्रतीक है, जबकि डमरू की ध्वनि सुनाई देना करियर और नौकरी में तरक्की या प्रमोशन का संकेत माना जाता है। इसी तरह शिव जी के वाहन नंदी का सपना मेहनत का फल प्राप्त होने और करियर में सफलता का प्रतीक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि महाशिवरात्रि पर ऐसे शुभ स्वप्न दिखाई दें, तो जातक को अगले सोमवार के दिन विशेष पूजा करनी चाहिए। इसके लिए सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए। घी का दीपक जलाकर आरती करने और सामर्थ्य अनुसार अन्न-धन का दान करने से जीवन में सुख और शांति बनी रहती है।