सरगुजा। अपराधों पर अंकुश लगाने और जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने सोमवार को पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर के सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक ली। इस अपराध समीक्षा बैठक में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों समेत जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान डीआईजी ने लंबित अपराधों, शिकायतों, मर्ग, चालान और म्यूल अकाउंट जैसे गंभीर मामलों की विस्तृत समीक्षा की और उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड और फिंगरप्रिंट एंट्री पर निर्देश बैठक में ‘नाफिस’ (NAFIS) सेल में फिंगरप्रिंट एंट्री बढ़ाने और गिरफ्तार व्यक्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने सभी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों के निगरानी बदमाशों, गुंडा बदमाशों और आदतन अपराधियों की फिंगरप्रिंट लेकर सिस्टम को अपडेट रखें। साथ ही, जिला बदर और वारंटियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

ई-साक्ष्य और सड़क सुरक्षा की समीक्षा डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए ई-चालान और ई-साक्ष्य की उपयोगिता की समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ‘इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस’ (IRAD) में एंट्री को अपडेट रखने को कहा गया, ताकि हादसों के कारणों का सही विश्लेषण हो सके। विवेचकों को सख्त हिदायत दी गई कि वे जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक केस डायरी अनिवार्य रूप से लिखें, जिससे न्यायालय में साक्ष्य मजबूती से प्रस्तुत किए जा सकें।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल, उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) सुरेश भगत, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) तूल सिंह पट्टावी, रक्षित निरीक्षक तृप्ती सिंह राजपूत, स्टेनो फबियानुस तिर्की, रीडर अमित पाण्डेय सहित जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी और पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।