दिल्ली। असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोग के संकेतों के अनुसार इन पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव मार्च के पहले हफ्ते में घोषित किए जा सकते हैं। वर्ष 2021 में भी इन राज्यों के चुनाव एक साथ कराए गए थे और तब इसकी घोषणा 26 फरवरी को हुई थी।
इस बार मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को देखते हुए चुनाव की घोषणा में कुछ दिन का अंतर संभव है। आयोग 15 फरवरी के बाद इन राज्यों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए दौरा शुरू कर सकता है। इससे पहले जमीनी तैयारियों का आकलन करने के लिए निचले स्तर के अधिकारियों को राज्यों में भेजा जा रहा है।
इसी क्रम में चुनाव आयोग की एक टीम असम पहुंच चुकी है, जबकि अन्य राज्यों के लिए भी टीमें जल्द रवाना होंगी। आयोग ने हाल ही में इन पांचों राज्यों में तैनात किए जाने वाले पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर चुनाव ड्यूटी के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अनुसार असम की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित होगी। वहीं पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी की मतदाता सूची 14 फरवरी को तथा तमिलनाडु की 17 फरवरी को जारी की जाएगी। इसके बाद आयोग इन राज्यों में चुनावी तैयारियों की औपचारिक समीक्षा शुरू करेगा।
मार्च में प्रस्तावित इन विधानसभा चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में वर्तमान में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, जबकि असम और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार है।
इधर, बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण पूरा करने के बाद चुनाव आयोग अब महाराष्ट्र, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों में भी जल्द एसआईआर शुरू करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार इसकी घोषणा मार्च में की जा सकती है और शेष राज्यों में यह प्रक्रिया एक साथ पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।