दुर्ग। साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना दुर्ग ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हुई 48,67,500 रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने शिर्डी में एक ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ठगी की राशि मंगवाई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही आंध्र प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इंस्टाग्राम लिंक से हुई थी ठगी प्रार्थी ने 9 अक्टूबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर एक लिंक भेजा गया था। उस लिंक पर क्लिक करने के बाद प्रार्थी से अलग-अलग किस्तों में कुल 48,67,500 रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत पर साइबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 08/2025 धारा 318(4), 336, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ट्रस्ट के खाते में मंगवाए पैसे तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि ठगी की रकम अहमदनगर जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संचालित एक ट्रस्ट के खाते में आरटीजीएस के जरिए भेजी गई थी। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र के अहमदनगर से आरोपी मनोहर लक्ष्मण मोरे (46 वर्ष) को पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम पर खाता खुलवाकर ठगी की राशि अपने खाते में मंगवाई थी।
जप्त सामग्री और कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड जप्त किया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका इस कार्यवाही में साइबर थाना दुर्ग के निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, सहायक उप निरीक्षक पूर्ण बहाद्दुर, आरक्षक अनूप कुमार शर्मा, कामेश देशमुख एवं विक्रम सिंह राजपूत की मुख्य भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या ऑनलाइन निवेश के प्रलोभन में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।