पूर्व वनमंडल का मामला पश्चिम डीएफओ को बनाया गया है जाँच अधिकारी
भानुप्रतापपुर। पूर्व वनमंडल अंतर्गत भानुप्रतापपुर परिक्षेत्र के ग्राम बांसला, कच्चे व आसूलखार सर्किल में वन मार्ग सड़को तथा पुलियों के निर्माण व मरम्मत कार्य के नाम पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में लाखो रुपये आहरण कर लिया गया, जबकि मौके पर बिल्कुल भी कार्य नहीं हुआ है। जिसकी शिकायत प्रधान मुख्य वन संरक्षक रायपुर व सीसीएफ कांकेर से की गई थी। अधिकारियों ने जाँच का आदेश जून 2025 में दे दिया पर अब तक जाँच पूर्ण नहीं की गई है। इस मामले में उप वनमंडल अधिकारी की भूमिका भी संदेहास्पद है। क्योंकि भ्रष्टाचार का पूरा षड्यंत्र पूर्व में पदस्थ रहे वनमंडल अधिकारी के संरक्षण में रेंजर और डिप्टी रेंजरों ने मिलकर किया है। अधीनस्थों को बचाने के लिए जाँच प्रक्रिया को रोक दिया गया है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है की जाँच को कागजो में पूर्ण कर नस्तीबद्ध कर दिया गया है और दोषियों को बचाया गया है। इसके पहले भी भानुप्रतापपुर परिक्षेत्र में तालाब निर्माण, डैम निर्माण, भवनों की रंगाई- पोताई, पौधारोपण, भू जल संरक्षण जैसे कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायते सामने आ चुकी चुकी है। लेकिन एक भी मामले की स्वतंत्र जांच नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने जल्द कार्यवाही नहीं होने पर जनआंदोलन की चेतावनी दी गई है।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि विगत 2 वर्षों में वनमंडल पूर्व भानुप्रतापपुर अंतर्गत भानुप्रतापपुर परिक्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी बिल व्हाउचर बनाकर करोड़ों की राशि बंदरबांट की गई है। आरटीआई लगाने के बावजूद जानकारी नहीं दी जा रही है जो किसी बड़े भ्रष्टाचार की और इंगित करता है। शिकायत की जाँच शिकायतकर्ताओं के समक्ष कराये जाने की माँग की गई है पर अधिकारी जाँच करने से कतरा रहे है। ग्राम बांसला में बिना किसी कार्य के लगभग 40 लाख रुपये वन मार्ग मरम्मत व दुरुस्ती के नाम पर आहरण कर लिए गए है। इसी तरह बारिश के पूर्व शासकीय भवनों की मरम्मत व रंगाई पोताई के नाम पर भी 60-70 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जबकि कुछ ही भवनों में वाटर प्रूफिंग का कार्य हुआ है। पूर्व में पीछेकट्टा, साल्हे व इरागाँव में तालाब निर्माण में भी गड़बड़ी उजागर हुई थी, जहाँ तीन तालाब की स्वीकृति लेकर दो ही तालाब बनाये गए थे और तीन तालाब की राशि आहरण कर ली गई थी। दाबकट्टा में दो वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा डैम बनवाया गया था जिसमे गेट लगाये बिना ही पूर्ण दिखाया गया था और राशि आहरण कर ली गई।
पश्चिम वनमंडल अधिकारी ने जांच प्रक्रिया को रोका
पूर्व वनमंडल के वन मार्गो में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर मुख्य वन संरक्षक कांकेर राजेश चंदेले ने अपने पत्र क्रमांक/नि.स./शिका.सीधे/7060 कांकेर दिनांक 16/10/2025 के माध्यम से वृत्त कार्यालय के संलग्न अधिकारी लखन लाल नागेश को जाँच का आदेश दिया है और 15 दिवस के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया था। इसी तरह मुख्य वन संरक्षक सतर्कता शिकायत नया रायपुर अटल नगर छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक 276/ सतर्कता शिकायत/ सामान्य 2608 दिनांक 2 जून 2025 को वनमंडल अधिकारी पश्चिम हेमचंद पहरे को भी अन्य प्रकरण में जांच हेतु निर्देशित किया था, किंतु दोनों ही जांच अब तक अधूरी है। इस आदेश के बाद से भानुप्रतापपुर परिक्षेत्र के रेंजर व डिप्टी रेंजरों ने उच्च अधिकारियों को मोटी रकम देकर जाँच को बाधित करवाया।