बीजापुर। जिला बीजापुर के दक्षिण क्षेत्र अंतर्गत थाना तर्रेम के जंगल-पहाड़ी इलाके में आज सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने दक्षिण बस्तर डिवीजन के खूंखार माओवादी DVCM उधम सिंह को मार गिराया है। मारे गए माओवादी पर शासन की ओर से 8 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
DRG और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि थाना तर्रेम क्षेत्र के जंगलों में दक्षिण बस्तर डिवीजन के DVCM उधम सिंह और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इस आधार पर DRG बीजापुर और कोबरा की संयुक्त टीम अभियान पर निकली थी। आज सुबह लगभग 07:00 बजे सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें जवानों ने उधम सिंह को ढेर कर दिया।

AK-47 और विस्फोटक सामग्री बरामद मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और माओवादी सामग्री बरामद की है:
01 नग AK-47 राइफल
02 मैग्जीन और 28 राउंड कारतूस
कार्डेक्स वायर, वायरलेस सेट और मोबाइल
पोच, पिट्ठू, टिफिन बैग और अन्य माओवादी दैनिक उपयोगी सामग्री
मारे गए माओवादी का आपराधिक इतिहास मारे गए नक्सली की पहचान उधम सिंह (इंचार्ज प्लाटून नम्बर 30) के रूप में हुई है, जो मूलतः कोत्तागुड़ा (थाना बासागुड़ा) का निवासी था।
वह 2002-03 में संगठन में शामिल हुआ था और छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर सक्रिय था।
पिछले 3 वर्षों से वह पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय था।
उसके विरुद्ध बीजापुर के विभिन्न थानों में 09 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वह 2023 में गुण्डम हमला, 2024 में पुतकेल-चिपुरभट्टी मुठभेड़ और जिड़पल्ली कैम्प हमले जैसी बड़ी वारदातों में शामिल रहा था।
नक्सल विरोधी अभियान के प्रभावी आंकड़े पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी. और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान तेजी से चल रहा है:
वर्ष 2025: जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 माओवादी मारे गए।
वर्ष 2026: अब तक 11 माओवादी ढेर हो चुके हैं।
जनवरी 2024 से अब तक: कुल 232 माओवादी मारे गए, 1163 गिरफ्तार हुए और 888 माओवादियों ने मुख्यधारा में वापसी की है।