धान खरीदी का महाघोटाला: 3000 क्विंटल असली धान ‘गायब’, यूपी की सड़ी खेप से हो रही भरपाई, क्या बच निकलेंगे मास्टरमाइंड?

मऊगंज। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन मऊगंज जिले के नईगढ़ी जनपद अंतर्गत बन्नई केंद्र से भ्रष्टाचार की एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। आरोप है कि यहाँ लगभग 3098 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाली धान गायब कर दी गई है और उस कमी को छिपाने के लिए उत्तर प्रदेश से घटिया, सड़ी-गली और मिट्टी मिली धान मंगाई जा रही है।

70 लाख का स्टॉक ‘गायब’ और यूपी से कचरे की एंट्री नियमों के अनुसार किसानों से खरीदी गई एक-एक पाई की धान का हिसाब होना चाहिए, लेकिन बन्नई केंद्र में खुलेआम धांधली की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि केंद्र प्रबंधक ने किसानों की अच्छी धान को व्यापारियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया है। अब सरकारी रिकॉर्ड में वजन पूरा करने के लिए रात के अंधेरे में यूपी से कचरे जैसी धान की गाड़ियां मंगाकर वेयरहाउस में जमा की जा रही हैं।

सिंडिकेट का खेल और सवालों से भागते अधिकारी इस पूरे खेल में बड़े सिंडिकेट के शामिल होने की आशंका है। सबसे बड़ा सवाल वेयरहाउस के अधिकारियों पर भी उठ रहा है कि वे इस कचरे जैसी धान को स्वीकार कैसे कर रहे हैं? जब मीडिया की टीम जांच अधिकारी अनमोल जैन के पास पहुँची, तो उन्होंने कैमरे से दूरी बना ली और गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा, “मुझसे कुछ मत पूछो, कलेक्टर से बात करो।”

क्या होगी कार्रवाई या होगी लीपापोती? इस केंद्र पर कुल 38,935 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज है। करीब 70 लाख रुपये की धान के इस हेरफेर ने प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पहले भी ज्ञापन देकर धांधली की शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब देखना यह है कि मऊगंज प्रशासन इस घोटाले की निष्पक्ष जांच करता है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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