गौरवपथ बना पार्किंग स्थल सड़क तक वाहनों के खड़े होने से आवागमन में हो रही परेशानी

दिलीप गुप्ता
सरायपाली। नगर में बेहतर, सुगम व सुरक्षित यातायात के उद्देश्य से बनाये जा रहे गौरवपथ का निर्माण अब अपने मूल उद्देश्य से भटकता दिखाई दे रहा है। गौरवपथ में सड़क निर्माण का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है हालाकि अभी सर्विस रोड व सहायक नाली का निर्माण शेष है किंतु ऐसा लगता है कि नगरपालिका , अध्यक्ष , पार्षद व कुछ नगरवासियों नहीं चाहते कि सर्विस रोड व नाली का निर्माण हो क्योंकि गौरवपथ की योजना ही इतनी गलत ढंग से बनाई गई है कि उम्मीद नही की सर्विस रोड व नाली का निर्माण हो सकेगा । पूर्व प्रभारी अध्यक्ष द्वारा अपने राजनैतिक स्वार्थ व किसी भी तरह इस अंतिम चुनाव को जीतने के लिए मतदाताओं को खुश करने के चलते त्रुटिपूर्ण प्राक्कलन बनाए जाने से गौरवपथ बनने के लाभ से नगरवासी वंचित हो रहे हैं ।


गौरवपथ का पूरा निर्माण बगैर अधिकारियों , सब इंजीनियर , अध्यक्ष व पार्षदों के निगरानी में बनाए गए व ठेकेदार को फ्री हैंड दे दिए जाने के कारण ठेकेदार ने जमकर इस परियोजना में भ्रष्टाचार व अनियमितता की । कोई बोलने व टोकने वाला नहीं था । इस निर्माण कार्य के चलते एक सीएमओ व एक उप अभियंता तक निलंबित हो चुके हैं । इसे लेकर भाजपा की भी काफी किरकिरी हो रही थी पर एक भी स्थानीय भाजपाई जिनके हाथों में सरायपाली विधानसभा की जिम्मेदारी है सभी अज्ञात कारणो से आज भी चुप हैं ।


पूर्व नपाध्यक्ष अमृत पटेल ने बताया था कि मुख्य नाली के बाद फुटपाथ (सर्विस रोड ) व दुकानों तथा घरों के पानी निकासी के लिए सहायक नाली बनाई जाएगी। इससे दुकानदारों व ग्राहकों को आसानी होगी । किंतु जहां सर्विस रोड व नाली बननी थी वहां तो मकान मालिकों व व्यापारियों ने अवैध कब्जा कर लिया है साथ ही विद्युत पोल भी इसके निर्माण में रुकावट पैदा करेगा । ऐसी स्थिति में सर्विस रोड के लिए स्थान ही बहुत कम बचा है ।त्रुटिपूर्ण व अदूरदर्शी निर्णय के चलते गौरव पथ से नगरवासियों को मिलने वाली सुविधाओं से सभी वंचित हो रहे हैं ।


कई दु‌कानदारों व मकान मालिकों द्वारा अपने घरों व दुकानों के सामने पर्याप्त जगह होने के बावजूद गौरवपथ में ही आड़ी तिरछी गाडियां खड़ी की जा रही है। गौरवपथ निर्माण के बाद पैदल यात्रियों के लिए सर्विस रोड बनाया जाना किंतु अब ऐसा नहीं लग रहा है कि सर्विस रोड व सहायक नाली का निर्माण हो पायेगा।


सर्विस रोड निर्माण के अभाव में मुख्य नाली से दुकानों व मकानों तक लगभग 15 फिट जगह नगरपालिका द्वारा उपयोगहीन कर दिया गया है। इसी की वजह से अव्यवस्थाएं बाद गई है । वास्तविकता यह है कि नगरपालिका को दोनों तरफ विवादित जगहों को छोड़कर 60 – 60 फिट जमीन लेकर गौरवपथ का निर्माण किया जाना था। यह आने वाले कई वर्षों तक सरायपाली के लिए यातायात के लिए निश्चिन्तता का विषय हो सकता था किंतु कांग्रेस शासन द्वारा बनाये गए प्राक्कलन में ही शुरुआती तौर पर किसी का कोई नुकसान न हो, के बहाने गौरवपथ के डिजाइन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। बचा खुचा जो था उसे प्रभारी अध्यक्ष ने बर्बाद कर दिया
गौरवपथ के दोनों तरफ यदि सर्विस रोड बनाया गया होता तो गौरवपथ वाहनों के आने जाने के लिए फ्री हो जाता जिन्हें दुकान व घर जाना होता वे इस सर्विस रोड के माध्यम से अपनी दोपहिया व चारपहिया वाहनों को खड़ी कर आराम से खरीददारी भी कर सकते थे साथ ही वाहन मालिकों को अपने अपने घरों के सामने वाहन खड़े करने की सुविधा भी मिल सकती थी।
आज नगरवासियों, व्यवसायियों व ग्राहकों को मजबूरन गौरवपथ में ही अपनी वाहनों को खड़े करने की मजबूरी हो रही है। जिसके चलते गौरव पथ में सैकड़ो की संख्या में सड़क के दोनों तरफ वाहनों का जमावड़ा लगे रहता है।
नाली निर्माण के बाद बचे लगभग 15 फिट की जगहों का उपयोग संबंधित व्यवसायियों द्वारा अपने निजी व व्यवसायिक उपयोग के लिए किए जाने से ग्राहकों की मोटरसाइकिल व कारें इस छुटे हुए स्थान तक नहीं जा पा रही है। नगर के अनेक स्थानों पर खासकर जयस्तंभ चौक से संतोषी मंदिर, भारत पेट्रोलियम से जयस्तंभ चौक, ईदगाह मार्केट से बस स्टैंड तक का एरिया में सर्वाधिक वाहनों की भीड़ भाड़ खासकर शाम के समय देखी जा सकती है। इसी तरह बस स्टैंड के आसपास स्थिति सर्वाधिक खराब है। अतिक्रमण के चलते व अनावश्यक रूप से बसों के खड़ी हो जाने से वहां वैसे भी जगह बचती नहीं हैं इसलिए मजबूरीवश बसें सड़क में खड़ी की जाती है। बस स्टैंड के प्रवेश द्वार के आसपास हमेशा ऑटो खड़े रहने, बस स्टैंड के सामने बड़ोदा बैंक व क्षीरसागर रेस्टोरेंट के सामने वाहनों की कतार लगे रहने से यातायात प्रभावित हो रहा है। गौरवपथ के किनारे मोटरसाइकिल, कार व ट्रक से जुड़े मैकेनिकों के दुकान होने से अधिकांश समय गौरवपथ में ही वाहनों को खड़ी कर मरम्मत की जा रही है। नगर के अधिकांश बैंक गौरवपथ से लगे हैं। गौरवपथ में इतनी गाड़ियां खड़ी रहती है कि यह किसी पार्किंग स्थल से कम नहीं लगता । एक कार बमुश्किल से निकल पाती है ।
नगर में बनी मुख्य नाली तक व्यवसायियों द्वारा ठेले व सामानों को रख दिए जाने से मजबूरन ग्राहकों को सड़क में अपनी वाहनों को खड़ा करना पड़ता है जिससे लगभग 30 फीट चौड़ी सड़क सिमटकर 8 फिट हो जाती है ।
ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर गौरवपथ की सड़क में मनमाने तरीके से गाड़ी खड़ी कर दिए जाने से होने वाली परेशानियों, दुर्घटनाओ की संभावनाओं, यातायात में हो रही – दिक्कतों से छुटकारा कौन दिलायेगा?
इस संबंध में सभी को हो रही परेशानियों को देखते हुवे इस संवाददाता द्वारा अनेको बार समाचारों का प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था पर कार्यवाही सिर्फ घोषणा कर पूरी कर दी जाती है । राजस्व , पुलिस व नगरपालिका प्रशासन को चाहिए कि वह इसे गंभीरता से लेते हुवे त्वरित व कड़ी कार्यवाही करे ।

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